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ISBN : 9788169517546
Year : 2026 Price : Rs 88000.00
प्रो. रूपचन्द गौतम जन्म 8 जनवरी, 1965 शिक्षा-दीक्षा: गाँव थोरा, तहसील जेवर, जिला गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश शिक्षा : एम.ए. हिन्दी, जनसंचार, पी-एच.डी. (दलित पत्रकारिता), पीडीएफ (स्वास्थ्य पत्रकारिता) आई.टी.आई. (हिन्दी आशुलिपि), आगरा मेरठ मंडल, आगरा अध्यापन में अनुभव : 1989 से नियमित प्रोफेसर : इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, मध्य प्रदेश अतिथि प्रवक्ता डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, अतिथि प्रवक्ता मिरांडा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय वोकेशनल शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार। पत्रकारिता में अनुभव : 1992 से नियमित सहायक संपादक : लोकायन लोकतंत्र फीचर (प्रो. रजनी कोठारी की 'लोकायन' संस्थान द्वारा संचालित), उपसंपादक : बहुजन अधिकार, (हिन्दी पाक्षिक पत्र) संवाददाता : अभिमूकनायक, (हिन्दी मासिक पत्र) उपापसंदक : सम्यक भारत (हिन्दी मासिक पत्रिका) सहायक संपादक बयान, (हिन्दी मासिक पत्रिका) प्रकाशित पुस्तकें-30 इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सिद्धान्त, प्रिंट मीडिया, संचार से जनसंचार, कैरियर पत्रकारिता, दलित रिपोर्टिंग, दलित पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार, दिल्ली की दलित पत्रकारिता, आजाद भारत में दलित, मीडिया लेखन, विशिष्ट पत्रलेखन, मानक आशुलिपि सिद्धांत, मानक डिक्टेशन, सर्वोदय आशुलिपि, हिन्दी टंकण सिद्धांत, टंकण से कम्प्यूटर, दलित राजनीति का उद्भव और विकास, दलित पत्रकारिता का उद्भव और विकास, मोहनदास नैमिशराय का साहित्य मूल्यांकन, स्वास्थ्य पत्रकारिता, आदिवासी पत्रकारिता, अम्बेडकर जनसंचार के 9 भाग । संपादित पुस्तकें - 7 आर्थिक पत्रकारिता, संवाद पर संवाद, दलित अभिव्यक्ति: संवाद और प्रतिवाद, दलित मानवाधिकार, हेलो तसलीमा, दलित पत्रकारिता मुल्यांकन और मुद्दे, मोहनदास नैमिशराय आमने-सामने। संस्थाओं में पढ़े गये शोध-पत्र : भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, भारतीय सामाजिक संस्थान, नई दिल्ली, एम.डी. विश्वविद्यालय, रोहतक, डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय, दिल्ली, राजकीय महाविद्यालय, लैस डाउन, जयहरीखाल, गढ़वाल, शिल्पकार सभा, नैनिताल, विद्यावती मुकन्द लाल महिला महाविद्यालय, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान, राँची, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, 200 वैचारिक आलेख, 180 कार्यक्रम कवरेजें 150 पुस्तकों की समीक्षाएं के अतिरिक्त 50 विशिष्ट लोगों से बातचीत
31 जनवरी, 1920 में डॉ. अम्बेडकर ने बम्बई से 'मूकनायक' पाक्षिक समाचार पत्र प्रकाशित करके दलित समाज को जनसंचार की ताकत का अहसास दिलाकर कर ब्राह्मणवादी जनसंचार व्यवस्था को मात दी थी। बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के बाद मान्यवर कांशीराम ने अम्बेडकर जनसंचार का गति दी थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि समूचे देश से पत्र-पत्रिकाओं के शीर्षक 'अम्बेडकर' एवं 'बहुजन' शब्दों से सजाये गये। दलित संस्थाओं से जो स्मारिकाएं प्रकाशित हुई उनके शीर्षक भी 'अम्बेडकर' शब्द के ईर्द-गिर्द ही देखे जा सकते हैं। यू-ट्यूब चैनलों के नाम भी अधिकांश 'अम्बेडकर' शब्द से या प्रारंभ हुए या समाप्त हुए। मराठी दलित साहित्य के बाद हिन्दी में दलित साहित्य ने वर्ष 1995 के बाद गति पकड़ी। मोहनदास नैमिशराय की कहानी 'हारे हुए लोग' मेरठ विश्वविद्यालय के हिन्दी पाठयक्रम से जुड़वाने में डॉ. एन. सिंह सफल हुए। यहीं से शोध का सिलसिला भी बढ़ा। दलित कविता, नाटक, कहानी एवं आत्मकथा शोध होने मोहनदास नैमिशराय पर एक सौ से अधिक प्रारंभ हुए। विश्वविद्यालय स्तर पर शोध कार्य हुए। हिन्दी पत्रकारिता पर पत्रकार अम्बेडकर का प्रभाव विषय पर श्यौराज सिंह बेचैन ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय से शोध कार्य किया। डॉ. रूपचन्द गौतम ने भी दलित चेतना पर दलित पत्रकारिता का प्रभाव माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से शोध कार्य पूरा किया। जिससे अम्बेडकर जनसंचार को और अधिक बल मिला। ये लम्बे समय से पत्रकारिता भी करते रहे हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि डॉ. रूपचन्द गौतम को अकदमिक एवं गैर अकदमिक क्षेत्र का एक अच्छा अनुभव भी है। शोध के क्षेत्र में जिन समस्याओं को उन्होने नजदीकी से देखा व महसूस किया उसी से निजात दिलाने के लिए अपने अनुभवों को भाग 8 में साझा किया है। अतः आठों भागों में डॉ. गौतम का लेखन उनकी विद्वतापूर्ण परिश्रम को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है ।
भाग -1
दो शब्द, आमुख, 1 संचार से अम्बेडकर जनसंचार, 2 अम्बेडकर जनसंचार और साहित्य, 3 किताबों द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 4 ऑडियो-वीडियो द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 5 हैंडबिल द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 6 पोस्टर द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 7 अम्बेडकर जनसंचार और बुकलेट, 8 पत्रलेखन द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 9 अनुवाद और अम्बेडकर जनसंचार, 10 अम्बेडकर जनसंचार और कलेंडर, 11 अम्बेडकर जनसंचार और प्रकाशन, 12 समता सैनिक दल द्वारा जनसंचार, 13 भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा जनसंचार, 14 बामसेफ द्वारा जनसंचार, 15 पत्र-पत्रिकाओं द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 16 अम्बेडकर जनसंचार और स्मारिकाएं, 17 दलित नेताओं द्वारा पत्र-पत्रिकाएं, 18 फिल्मों द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 19 डॉ. अम्बेडकर की मूर्तियों द्वारा जनसंचार, 20 बौद्ध धर्म से जुड़ी पत्र-पत्रिकाएं, 21 सोशल मीडिया द्वारा अम्बेडकर जनसंचार
भाग-2
दलित पत्रकारिता के जनक स्वामी अछूतानंद हरिहर, आमुख, 1 उत्तर प्रदेश में अम्बेडकर जनसंचार, 2 जावि हिन्दू, 3 साप्ताहिक समता सैनिक, 4 आदि भारत साप्ताहिक अध्याय 5 सिंहनाद ,6 जमीं के तारे, 7 जन प्रगति, 8 साप्ताहिक अनुसूचित, 9 स्वाधीन भारत, 10 समता शक्ति, 11 भीम सैनिक, 12 निर्णय, 13 बौद्ध बन्धु, 14 अधिकार भारती, 15 लोक चिंता, 16 धम्म संदेश, 17 उद्धारिका, 18 हिन्द सेनानी, 19 अर्जक, 20 गरिमा भारती, 21 भीम भूमि, 22 भीम सरिता, 23 प्रज्ञा विजय, 24 रिपब्लिकन इंकलाब, 25 गुरादाबाद रेक, 26 अनार्य भारत, 27 युद्ध उपदेश, 28 देवानांप्रिय प्रियदर्शी अशोक, 29 मूक रागिनी, 30 दलित एशिया टुडे, 31 दलित लिबरेशन टुडे, 32 सोशल लीडर, 33 भीम लहर, 34 मांझी जनता, 35 जन-सम्मान, 36 जाग्रति, 37 अम्बेडकर इन इंडिया , 38 दलित टुडे, 39 अम्बेडकर टुडे, 40 संघ दर्पण, 41 हमारी मंजिल, 42 दलित जन उदबोध, 43 लोतांत्रिक राष्ट्रवाद, 44 कमेरी दुनिया,45 संकेत, 46 बहुजन न्यूज, 47 बुद्धवाणी, 48 प्रबुद्ध विहार, 49 बेटियाँ, 50 गजपथ , 51 पंचशील भारत, 52 प्रबुद्ध विमर्श, 53 जय भीम, जय समाज, 54 बहुजन बोध, 55 भीम शक्ति, 56 आधुनिक विकल्प, 57 बहुजन युग, 58 सिद्धार्थ उपदेश, 59 धम्म देशना, 60 बहुजन सवेरा, 61 अम्बेडकर कल्चर, 62 बोधिसत्त्व बाबासाहब टुडे, 63 डिप्रेस्ड एक्सप्रेस, 64 बहुजन प्रभात, 65 प्रज्ञा प्रसार
भाग-3
दो शब्द, आमुख,1 दिल्ली की दलित पत्रकार, 2 विद्रोही, 3 उत्थान, 4 हिमायती, 5 बुद्ध घोष, 6 भीम संदेश,7 लौकिक धर्म, 8 सम्यक् समाज, 9 समय की आवाज, 10 सर्वहारा बुलेटन, 11 धम्म दर्पण, 12 संघ प्रकाश,13 काला भारत, 14 बहुजन संगठक, 15 बहुजन अधिकार, 16 वॉयस ऑफ दी वीक, 17 बहुजन संघर्ष, 18 दलित पतवार, 19 हम दलित, 20 क्रिएटिव न्यूज, 2114 अप्रैल, 22 न्याय चक्र, 23 युग उद्बोधन, 24 अभिमूकनायक, 25 सामाजिक उत्थान, 26 दलित प्रक्रिया, 27 अर्थपूर्ण, 28 कोली टाइम्,29 सजग प्रहरी, 30 डॉ. आंबेडकर फाउंडेश, 31 बंधन मुक्ति, 32 प्रबुद्ध जगत, 33 राजधानी घोषणा,34 वॉयस ऑफ बुद्धा, 35 भारत टाइम्स सौभाग्य, 36 दलित हितैषी, 37 सामाजिक परिवर्तक, 38 भारत रत्न डॉ. अम्बेडकर टाइम्स, 39 समता प्रहरी, 40 दलित साहित्य वार्षिक, 41वंचित वाणी, 42 महिला घोषणा, 43 अहवाल-ए-मिशन, 44 बहुजन केसरी, 45 आज का दलित, 46 मूकवक्ता, 47 जनतांत्रिक सत्ता, 48 अपेक्षा, 49 सामाजिक न्याय संदेश, 50 बहुजन विकास, 51 दलित टाइम्स, 52 मिशन अम्बेडकर, 53 बहुजनों का बहुजन भारत, 54 समतावादी भारत, 55 मूलनिवासी टाइम्स, 56 सम्यक भारत, 57 हाशिये की आवाज, 58 बयान, 59 गोतम ऑफ मीडिया, 60 समता संगठन, 61 संघर्ष, 62 सम्यक विचार मंच, 63 मायायुग, 64 मैत्री टाइम्स, 65 संत गाडगे अम्बेडकर, 66 आजीवक विजून, 67 बहुरि नहिं आवना, 68 फारवर्ड प्रेस, 69 दलित अस्मिता, 70 मुखर पत्रिका, 71 मगहर, 72 जवाब, 73 दलित दस्तक, 74 कदम, 75 दैनिक शिल्पकार टाइम्स, 76 नेटिव इंडिया, 77 बहुजन स्वामिमान
भाग-4
दो शब्द , आमुख,1 विभिन्न राज्यों में अम्बेडकर जनसंचार, 2 राजस्थान से संबन्धित अनुसूचित जाति की, 3 हिमाचल से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाए, 4 पंजाब से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 5 हरियाणा से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 6 बिहार से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 7 पश्चिमी से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 8 महाराष्ट्र से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 9 मध्य प्रदेश से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 10 छत्तीसगढ़ से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं, 11 उत्तराखंड से संबन्धित अनुसूचित जाति की पत्र-पत्रिकाएं
भाग-5
1 दो शब्द, 2 आमुख, 3 अम्बेडकर जनसंचार और स्मारिकाएं, 4 अम्बेडकर समाज स्मारिका, 5 चेतना, 6 बाबा साहेब अम्बेडकर स्मारिका, 7 स्मारिका, 8 अम्बेडकर दर्शन स्मारिका, 9 स्मारिका, 10 प्रज्ञा स्मारिक, 11 स्मारिका, 12 स्मारिका ,13 स्मारिका, 14 स्मारिका संदेश, 15 भारतरत्न स्मारिका, 16 स्मारिका, 17 स्मारिका, 18 जन्मशताब्दी स्मारिका , 19 स्मारिका दीक्षा, 20 स्मारिका, 21 स्मृति, 22 स्मारिका, 23 स्मारिका, 24 धम्मचक्र, 25 शिल्पकार ज्योति, 26 प्रज्वल , 27 भीम ज्योति, 28 दलित अस्मिता, 29 आदरांजली, 30 सोहम् स्मारिका, 31 स्मारिका, 32 नव निर्माण स्मारिका, 33 स्मारिका, 34 स्मारिका, 35 कारवाँ, 36 स्मारिका, 37 स्मारिका, 38 समता संदेश स्मारिक, 39 धम्मसेनानायक स्मारिका, 40 मूलनिवासी स्मारिका, 41 डॉ. अम्बेडकर स्मारिका,42 शिल्पकार टाइम्स स्मारिका, 43 डॉ. अम्बेडकर स्मारिका, 44 संघ दर्पण स्मारिका, 45 समतायुग स्मारिका, 46 समता सैनिक दल, 47 स्मारिका, 48 डॉ. भदंत ज्ञानरत्न स्मारिका, 49 डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयन्ती, 50 राष्ट्रनिष्ठ बाबू जगजीवन राम, 51 स्मारिका, 52 स्मारिका, 53 डॉ. अम्बेडकर स्मारिका, 54 सतनाम दर्शन, 55 परिसंघ स्मारिका, 56 शिल्पोदय
भाग-6
मेरी बात, आमुख, 1 दलित खबर बेखबर क्यों , 2 साक्षी गौतम की पुस्तक सांस्कृतिक रिपोर्टिंग पर चर्चा, 3 अछुतानंद ही दलित साहित्य में प्रथम कवि-गुरु प्रसाद पदन, 4 जो हिन्दू धर्म को मानता है वह अम्बेडकर का अनुयायी नहीं - रमणिका गुप्ता, 5 बयान पत्रिका पर संगोष्ठी, 6 हमारे समाज के लड़कों को पत्नी के रूप में सामाजिककार्यर्त्ता लड़की नहीं चाहिए- रजनी तिलक, 7 एडवोकेट नन्दप्रसाद समय से पहले ही होने वाली आहट के जानने वाले व्यक्ति थे - हरीश रावत, 8 बोद्धगया में बुद्ध जयन्ती, 9 हमें तो ब्राह्मणों की सत्ता व संस्कृति का विनाश चाहिए - ओमप्रकाश वाल्मीकि, 10 जातिवादी बीमारी का इलाज समाजवाद से करना ही लीलवान की कविताओं का मुख्य स्वर है - इब्बार रब्बी, 11 सूचना का अधिकार भी अब मजाक बन कर रह गया - जयभगवान जाटव, 12 दलित साहित्य आम आदमी का साहित्य है - कर्मशील भारती, 13 आजादी के साठ साल बाद भी किस- अखबार का संपादक दलित नहीं - रामशरण जोशी, 14 बागुल जी दलित साहित्य क े पितामह थे - लक्ष्मण गायकवाड, 15 मिरांडा हाउस में गदर के साये में एक शहजादी की दास्तान का मंचन, 16 18 वें विश्व पुस्तक मेले में अम्बेडकर व तसलीमा की रचनाओं की मांग रही, 17 पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाता एक नाटक, 18 दलितों की बौद्धिक ऊर्जा के बिना भारत दुनिया के पाँच ज्ञानी राष्ट्रों की सूची में शामिल नहीं हो सकता चन्द्रभान प्रसाद, 19 शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं – अहिरवार, 20 भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में दलितों के स्वर, 21 बाबा साहेब से जुड़े चारों धाम वैचारिक दृष्टि से हमारी ऊर्जा के स्रोत हैं - डॉ. जटिया, 22 महामरिनिर्वाण भूमि की दुर्शा को देखकर अम्बेडकरवादियो में आक्रोस, 23 ऑल इंडिया सिद्धार्थ वेलफेयर सेंटर का वार्षिक समारोह सम्पन्न, 24 कैरियर मेले के साथ स्कूलों में कैरियर शिक्षक भी नियुक्त हो - आशा कुमार, 25 बसपा समतामूलक समाज बनाना चाहती है – मायावती, 26 हमें आरक्षण नहीं चाहिए, 27 शोषण से मुक्ति पाने के लिए धर्मान्तरण ज़रूरी 28 डॉ. अम्बेडकर और भारतीय संविधान, 29 आजादी के लिए जंग जारी रहेगी, 30 अलीगढ़ में समता सैनिक दल की सभा, 31 जो मानवता का विरोधी बसपा उसकी विरोध 32 महिलाएं सात फेरों का विरोध करें सुजाता अम्बौरे, 33 स्व-अनुभूति पर आधारित दलित साहित्य, 34 दलित: अस्तित्व का संघर्ष, 35 बौद्ध जीवन दर्शन की सार्थकता, 36 सलवा जुडूम के खिलाफ आंदोलन, 37 शिक्षक और ब्राह्मणवाद, 38 देश में दलित प्रतिभावान लोगों की कमी नहीं, 39 भारत भवन की तर्ज पर कलाधाम बने, 40 डॉ. अम्बेडकर ही संविधान निर्माता थे।, 41 दलितों को मीडिया में आना चाहिए – कमलेश्वर, 42 अशोक विजय दशमी महोत्सव सम्पन्न, 43 नैमिशराय का उपन्यास झलकारी बाई, 44 आरक्षण का उलंघन, 45 दलित लेखक संघ का द्वितीय अधिवेशन, 46 बुद्ध ने धर्म, प्रज्ञा, करुणा एवं समता को खिखाया, 47 सामाजिक न्याय पाने के लिए निरंतर संघर्ष करना होगा, 48 बुद्ध की शरण में आने पर ही उन्नति संगव, 49 डॉ. अम्बेडकर के दर्शन बिना वाल्मीकि जाति की मुक्ति संभव नहीं, 50 विचार का संबन्ध खून के संबन्ध से ज्यादा, 51 कुछ दलित साहित्यकार डॉ. अम्बेडकर के खिलाफ, 52 जाति प्रमाण-पत्र पर एक संगोष्ठी, 53 डॉ. अम्बेडकर व गांधी के लक्ष्यों में समानता, 54 भूमंडलीकरण का प्रभाव कमजोर वर्ग पर पड़ेगा, 55 आतंकवाद के खिलाफ बौद्ध परिषद्, 56 लोक चेतना के बिना लोकतंत्र मजबूत नहीं, 57 आदिवासी समाज को इंसानी दर्जा नहीं, 58 विचार परिवर्तन के बिना व्यवस्था परिवर्तन संभव नहीं, 59 दिल्ली में दलित लेखक संघ का सम्मेलन, 60 दिल्ली में बामसेफ का 18 वां अधिवेशन, 61 नारी अस्मिता पर विमर्श, 62 भंते धम्म ज्योति को कठिन चीवर दान, 63 बुद्ध का दान बुद्धत्त्व प्राप्ति के लिए, 64 दलित दलालों के रहते हम गुलाम बनें रहेंगे, 65 नेशनल फेडरेशन ऑफ दलित विमेन के स्वर, 66 खुर्जा मे तथागत की मूर्ति का अनावरण, 67 चरित्रवानों की टीम है समता सैनिक दल, 68 दलित साहित्य जख्मी लोगों का साहित्य, 69 प्रेरणाभूमि के रूप में बदलती नागपुर की दीक्षाभूमि, 70 डॉ. अम्बेडकर प्रतिष्ठान में दलित कर्मचारियों पर अत्याचार, 71 मोहनदास नैमिशराय की आत्मकथा पर संगोष्ठी, 72 पिछड़ों में भी पिछडा मंडोली गाँव, 73 राजधानी में दलित साहित्य की दस्तक ,74 राजनीति से अलग रहकर ही साहित्य सृजन संभव, 75 दलित साहित्य पर गोष्ठी, 76 गाँव थोरा में अम्बेडकर जयन्ती
भाग-7
पढ़ते-पढ़ते , लिखते-लिखते, 1 दलित पत्रकारिता की भाषा और प्रथम संपादकीय, 2 समता सैनिक में भर्ती होकर अछूत समाज की रक्षा कीजिए, 3 सम्पादकीय विचार, 4 संगठन की कसौटी का शोषण, 5 भीम संदेश का जन्, 6 समता शक्ति, 7 परिवार नियोजनः एक सिंहावलोकन, 8 समाचार पत्रों को चलाना आसान नहीं, 9 कारण व महत्त्व, 10 वक्त की बात , 11 'दलित एशिया टुडे' ही क्यों?, 12 संपादकीय, 13 अपनी-अपनी अपेक्षाएं, 14 हमें तिरंगा और संविधान की अस्मिता को भी बचाकर रखना है, 15 गजपथ,16 प्रबुद्ध विहार, 17 दलित साहित्य के विद्रोही स्वर मिलकर एक सांझा आंदोलन बने, 18 नागफनी, 19 दलितमत से दलित दस्तक तक, 20 हमारा विश्व लीडर, 21 दलित मूपमेन्ट ऑफ इंडिया चेतना संदेश, 22 व्यक्ति : समाज और राष्ट्र की अहम कड़ी है।, 23 पुस्तक समीक्षा का सिद्धान्त, 25 नैमिशराय लिखते हैं इसलिए बिकते है , 24 दलित पत्रकारिता पर नैमिशराय की चार पुस्तकें, 26 रामचरन सिंह अज्ञात की कृति, 27 दलित चेतना का नीला आकाश, 28 हवलदार सुलतान सिंह की पुस्तक 'चमार रेजिमेंट', 29 शिल्पकारों की अस्मिता व संवैधानिक अधिकारों को रेखांकित करती कृति, 30 के. नाथ की संपादित पुस्तक 'यशोधरा और समकालीन बौद्ध भिक्षु', 31 सिनेमा व टी.वी. सीरियलों में दलितों की भागीदारी को रेखांकित करती पुस्तक, 32 स्वामी जी के समकालीन खटटे-मीठे अनुभवों का ताना-बाना 'स्वामी अदतानन्द जी हरिहर ओर हिन्दी नवजागरण', 33 अगनपथ से सुविधापथ की ओर, 34 दलित साहित्य वार्षिकी के दसवें अंक की प्रस्तुति, 35 विभा देवसरे का लेख संग्रह, 36 स्वपन से यथार्थ, 37 समता सैनिक दल के कार्यों का लेखा-जोखा ,38 हक औ हकदारी का सवाल 'टांग्या ख्क्ख' में, 39 1857 के संदर्भ में हरियाणा पुलिस अकादमी का सराहनीय प्रयास, 40 दलित उत्पीड़न परएक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज, 41 संस्कृति से टकराव, 42 समाज चिंतकों से साक्षात्कार, 43 बामसेफ एक कैडरराइज संगठन है - मायावती, मेखना और दिखाना है – बबीता, 45 अंग्रेजी के बिना हमारे बच्चों का भविष्य अच्छा नहीं - डॉ. एम. एल. शहारे, 46 अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी की समस्याओं को लेकर जो बदलाव हुए उसी की प्रस्तुति है।, 47 आईना केवल शक्ल-सूरत देखने के लिए ही नहीं होता बल्कि स्वयं विश्लेषण करने का सशक्त माध्यम भी होता कुसुम लता गौतम राष्ट्रीय कमांडर (समता सैनिक दल), 48 अध्यापक अध्यापिकाएं विद्यार्थियों के भविष्य को उज्जवल बनाने में योगदान दें - आशा कुमार, 49 दृष्टिहीन लड़कियाँ निराश न हों - चंदा सागर, 50 पत्रकारिता की तरह न्याय व्यवस्था में भी जातिवादी मानसिकता का वर्चस्व है - एडवोकेट नन्दप्रसाद, 51 हॉलीवुड व बॉलीबुड की तरह बहुजनवुड बने - यशवंत निकोसे, 52 अभी दलितों में लीडरशिप की कमी है - प्रोफेसर नन्दूराम, 53 नियमित अध्ययन ही सफलता दिलवाता है।,54 दलितों की नई पीढ़ी को अपने अतीत के संघर्षों को समझना होगा-मोहनदास नैमिशराय, 55 अपने शिक्षा संस्थानों के बिना दलित महापुरुषों की विचारधारा विकसित नहीं हो सकती - प्रो. जोशी, 56 दलितों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुए बिना स्वास्थ्य जागरूकता का कोई मायने नहीं, 57 हमारा शैक्षिक स्तर सुधरने से ही आर्थिक स्तर सुधर सकता है- दयाशंकर टम्टा, 58 हमारा सैनिक मर सकता है मगर झुक नहीं सकता - लाहुरी राम बाली, 59 बौद्ध साहित्य बेचने एवं बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति बनाने में ही ढल गया जनप्रिय गौतम का सम्पूर्ण जीवन, 60 दलित पत्रकारिता में फीडबैक
भाग-8
दो शब्द, आमुख,1. आदिवासी चेतना पर आदिवासी पत्रकारिता का प्रभाव, 2. समाज पर पर्यावरण पत्रकारिता का प्रभाव, 3. उत्तराखंड की लोककलाओं में शिल्पकारों का योगदान, 4. समाज पर स्वास्थ्य पत्रकारिता का प्रभाव एक अध्ययन, 5. दिल्ली की हिन्दी पत्रकारिता का ऐतिहासिक विवेचन, 6. अनुसूचित जातियों की संस्थागत पत्रकारिता के दर्शन का विश्लेषणात्मक अध्ययन, 7. युवा वर्ग पर करियर पत्रकारिता का प्रभाव, 8. गाँधी और अम्बेडकर की पत्रकारिता का तुलनात्मक अध्ययन, 9. अनुसूचित जातियों का चित्रण करने वाले कलाकारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन, 10. गुरु घासीदास के जीवन का ऐतिहासिक विवेचन, 11. मोहनदास नैमिशराय की पत्रकारिता का विश्लेषणात्मक अध्ययन, 12. पत्रकारिता में अनुसूचित जाति की महिलाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन, 18. अम्बेडकर जनसंचार का विश्लेषणात्मक अध्ययन, 14. अनुसूचित जाति के आर्थिक बदलाव में डॉ. अम्बेडकर के चिंतन का प्रभाव
शोधात्मक आलेख, 1. दलित कुर्बानी को खारिज करने की कोशिश, 2. डॉ. अम्बेडकर और दिल्ली के बौद्ध,3. अस्सी साल का समता सैनिक दल, 4. आजाद भारत के मूलनिवासी, 5. 1857 की क्रांति में अनुसूचित जातियाँ,6. देश के मूलनिवासी निर्णायक कैसे बने, 7. दलित महिला और मानवाधिकार, 8. विकास की प्रक्रिया में अनुसूचित जातियाँ, 9. असंगठित क्षेत्र में मूलनिवसी, 10. वंचित समाज की दास्तान, 11. लोकतंत्र के आइने में महिला कहाँ,12. मोहनदास नैमिशराय के नाटकों का मूल्यांकन, 13. अम्बेडकर जनसंचार का विकसित रूप, 14. गैर दलितों द्वारा दलित विशेषांक, 15. डॉ. अम्बेडकर और महिला स्वास्थ्य, 16. राजनीति स्तर पर अम्बेडकर जनसंचार, 17. गीत व संगीत में आदिवासी, 18. कला में आदिवासी
वैचारिक आलेख,1. दलित महिला और मीडिया दृष्टि, 2. दलित अस्मिता का प्रश्न, 3. डॉ. तेज सिंह और अपेक्षा, 4. यौन हिंसा का समाजशास्त्र, 5. जाति तो ब्याहने से ही खत्म होगी, 6. शिक्षा के बिना मैला मुक्ति संभव नहीं, 7.डॉ. अम्बेडकर और दलित चेतना, 8. दलित साहित्य पर और भी बहस जरूरी है।, 9. पत्रकारिता में मूलनिवासी महिलाएं
भाग-9
दो शब्द, आमुख,1 अम्बेडकर जनसंचार के सजग प्रहरी, 2 ज्योतिराव फुले, 3 स्वामी अछुतानंद हरिहर, 4 डॉ. भीमराव अम्बेडकर, 5 मुंशी हरि प्रसाद टम्टा, 6 लक्ष्मी देवी टम्टा, 7 पेरियार रामास्वामी नायकर, 8 डॉ. के. आर. नारायणन, 9 सी. एस. वंजारी, 10 प्रो. पी. जी. ज्योतिकर, 11 मूलचंद, 12 लाहुरी राम बाली,13 मोहनदास नैमिशराय, 14 कांशीराम, 15 दयानाथ निगम, 16 आर. कमल, 17 एस. आर. दारापुरी, 18 के. नाथ, 19 कंवल भारती,20 डॉ. गंगाधर पानताणे, 21 डॉ. कुसुम मेघवाल, 22 डॉ. सोहनपाल सुमनाक्षर, 23 पन्नालाल प्रेमी, 24 नरसिंह देवी गुजराती, 25 रामस्वरूप बौद्ध, 26 के. आर. सूंडा, 27 डॉ. पुरुषोत्तम सत्यप्रेमी, 28 डॉ. तारा परमार, 29 हिमांशुराय, 30 डॉ. विमलकीर्ति, 31 वामन मेश्राम, 32 जितेन्द्र कुमार, 33 हुकमचंद भास्कर, 34 महिपाल सिंह, 35 एच.एल. दुसाध, 36 भंवर मेघवंशी , 37 रामविलास पासवान, 38 डॉ. श्यौराज सिंह बेचैन ,39 चन्द्रभान प्रसाद, 41 डॉ. जयप्रकाश कर्दम, 42 रजनी तिलक, 43 डॉ. तेजसिंह, 44 वी.पी. वर्मा पथिक, 45 के. आर. शाह, 46 रमेश ठाकुर, 47 गुरुप्रसाद मदन, 48 सुन्हेर सिंह ताराम, 49 अशोक दास, 50 हरेश पवार, 51 डी.के. भास्कर, 52 धम्मदीप, 53 मनोज अंतानी, 54 महेश वर्मा, 55 प्रो तेजस्वी कट्टीमनी, 56 समाचार पत्र और प्रकाशित स्थान, 57 लेखक परिचय
भाग-10
आमुख, 1 सोशल मीडिया और बहुजन,2 अम्बेडकरवादी यूट्यूब न्यूज चैनल, 3 बहुजन समाज द्वारा गीत/संगीत के चैनल, 4 साहित्य और संस्कृति यूट्यूब चैनल, संदर्भ
भाग-11
दो शब्द, आमुख, 1बामसेफ की पत्रकारिता, 2 बामसेफ द्वारा पत्र-पत्रिकाएं , 3 बामसेफ द्वारा यूट्यूब चैनल, 4 बामसेफ द्वारा इतर जनसंचार माध्यम, 5 बामसेफ के अधिनस्थ्य घटक, 6 बामसेफ द्वारा सामाजिक आंदोलन, 7 बामसेफ का राजनीतिक आंदोलन, 8 संपादकों का दृष्टिकोण
भाग-12
सिंह मुंडा की कलम से, आमुख, 1 आदिवासियत ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, 2 आदिवासी पत्रकारिता, 3 आदिवासी पत्रकारिता और आंदोलन, 4 प्रमुख आदिवासी पत्र-पत्रिकाओं का मूल्यांकन, 5 आदिवासी पत्रकारिता के समक्ष मुद्दे, 6 आदिवासी सोशल मीडिया, 7 जनसंचार की बुनियाद हैं आदिवासी गीत, 8 कला द्वारा आदिवासी जनसंचार, 9 फिल्मों द्वारा आदिवासी जनसंचार, संदर्भ ग्रंथ
भाग-13
दो शब्द, पिछड़े वर्ग में अम्बेडकर जनसंचार, 1 पिछड़े वर्ग की पत्रकारिता , 2 फूले समाज की पत्र-पत्रिका एवं स्मारिकाएं, 3 प्रजापति समाज द्वारा पत्र-पत्रिकाएं एवं स्मारिकाएं, 4 कुर्मी समाज की पत्र-पत्रिका एवं स्मारिकाएं, 5 यादव समाज की पत्र-पत्रिका एवं स्मारिकाएं, 6 पिछड़े वर्ग के अन्य समुदायों द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाएं एवं स्मारिकाएं, 7 पिछड़े वर्ग द्वारा संचालित यूट्यूब, 8 आरक्षण के प्रति सजगता, 9 पिछड़े वर्गे के प्रमुख पत्रकार, 10 पिछड़ा वर्ग आयोग और जातियाँ
भाग-14
गीत की दुनिया में दलित के बहाने, आमुख, 1 गीतों द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 2 अम्बेडकर के जीवन पर गीत, 3 दलित चिंतकों के जीवन पर गीत, 4 भजनों द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 5 रागनियों द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 6 बारहमासा द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 7 गज़ल द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 8 कव्वाली द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 9 मल्हार द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 10 आल्हा द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 11 रसिया द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 12 सपरी द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 13 ख्याल द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, 14 अम्बेडकरी गीतों पर पुस्तकें, 15 ऑडियो-वीडियो द्वारा अम्बेडकर जनसंचार, संदर्भित पुस्तकें